ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई कौन हैं? पद संभालते ही इजरायल पर मिसाइल हमला

Mojtaba Khamenei
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ईरान में सत्ता परिवर्तन: मोजतबा खामेनेई बने नए सुप्रीम लीडर, पद संभालते ही इजरायल पर मिसाइल अटैक

ईरान की राजनीति में एक ऐतिहासिक और आक्रामक मोड़ आया है। अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने ईरान के सबसे शक्तिशाली पद 'सुप्रीम लीडर' की जिम्मेदारी संभाल ली है। सत्ता संभालते ही उनके नेतृत्व में ईरान ने इजरायल के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए मिसाइलों की बौछार कर दी है, जिससे मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव चरम पर पहुंच गया है।


मिसाइल हमलों से हुई नए युग की शुरुआत

स्टेट ब्रॉडकास्टर IRIB की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामिक रिपब्लिक के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति के तुरंत बाद सोमवार को इजरायल पर मिसाइलों की पहली लहर दागी गई। IRIB ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर पुष्टि की कि यह हमला अयातुल्ला सैय्यद मोजतबा खामनेई के सीधे नेतृत्व में किया गया है। इसे इजरायल के खिलाफ ईरान की नई और अधिक आक्रामक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।


कौन हैं मोजतबा खामेनेई? (Who is Mojtaba Khamenei)

मोजतबा खामेनेई ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के पुत्र हैं। उनके बारे में कुछ प्रमुख जानकारियां निम्नलिखित हैं:

  • जन्म: 8 सितंबर, 1969 को ईरान के मशहद शहर में हुआ।
  • पृष्ठभूमि: वह अली खामेनेई के छह बच्चों में से एक हैं और पिछले तीन दशकों से पर्दे के पीछे से सत्ता के गलियारों में सक्रिय रहे हैं।
  • चयन: 56 वर्ष की आयु में, उन्हें एक्सपर्ट्स की असेंबली (Assembly of Experts) द्वारा ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। 1979 की क्रांति के बाद वह इस पद पर बैठने वाले केवल दूसरे व्यक्ति हैं।

धार्मिक साख और शिक्षा

मोजतबा खामेनेई की धार्मिक और राजनीतिक शिक्षा ईरान के सबसे प्रतिष्ठित केंद्रों में हुई है:

1. कोम में धार्मिक ट्रेनिंग

उन्होंने शिया इस्लाम के सबसे बड़े केंद्र कोम (Qom) में इस्लामिक थियोलॉजी की गहन पढ़ाई की है। वर्तमान में उनके पास 'हुज्जत अल-इस्लाम' की रैंक है। हालांकि यह उनके पिता की 'आयतुल्लाह' रैंक से नीचे है, लेकिन उनका प्रभाव किसी बड़े धार्मिक नेता से कम नहीं है।

2. पैगंबर के वंशज (सेय्यद)

उनका परिवार 'सेय्यद' है, जिसका अर्थ है कि वे पैगंबर मोहम्मद के वंशज माने जाते हैं। ईरान के पादरी वर्ग और धार्मिक समाज में इस पहचान की बहुत बड़ी अहमियत है, जो उनकी सत्ता को और अधिक मजबूती प्रदान करती है।

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IRGC और सुरक्षा तंत्र से मजबूत रिश्ते

मोजतबा खामेनेई को ईरान की सबसे शक्तिशाली सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का बेहद करीबी माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि:

"मोजतबा का कंजर्वेटिव एस्टैब्लिशमेंट और सुरक्षा बलों पर गहरा प्रभाव है। यही कारण है कि उनके पद संभालते ही ईरान की सैन्य गतिविधियों में तेजी देखी गई है।"


मोजतबा खामेनेई का सुप्रीम लीडर बनना न केवल ईरान की आंतरिक राजनीति बल्कि वैश्विक भू-राजनीति (Geopolitics) के लिए भी एक बड़ा संकेत है। इजरायल पर ताजा मिसाइल हमले ने यह साफ कर दिया है कि उनके नेतृत्व में ईरान अपने दुश्मनों के खिलाफ अधिक सख्त रुख अपनाएगा।

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