चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव ने किया तिहाड़ जेल में सरेंडर, हाईकोर्ट ने नहीं दी राहत
बॉलीवुड अभिनेता Rajpal Naurang Yadav से जुड़े कई चेक बाउंस (Cheque Dishonour) मामलों में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा सरेंडर की समयसीमा बढ़ाने से इनकार किए जाने के बाद अभिनेता ने तिहाड़ जेल प्रशासन के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। जेल सूत्रों के मुताबिक, राजपाल यादव ने गुरुवार शाम करीब 4 बजे सरेंडर किया, जिसके बाद जेल प्रशासन ने मानक प्रक्रिया (SOP) के तहत आगे की कार्रवाई शुरू की।
हाईकोर्ट ने सरेंडर की डेडलाइन बढ़ाने से किया इनकार
एक दिन पहले Delhi High Court ने राजपाल यादव की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने सरेंडर के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। अभिनेता की ओर से दलील दी गई कि उन्होंने 50 लाख रुपये की व्यवस्था कर ली है और इस राशि को जमा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाए। हालांकि, न्यायालय ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया।
न्यायमूर्ति Swarna Kanta Sharma ने स्पष्ट कहा कि आगे किसी भी प्रकार की राहत देने का कोई आधार नहीं बनता। अदालत ने पहले ही अभिनेता को 4 फरवरी 2026 तक सरेंडर करने का निर्देश दिया था, जिसका पालन नहीं किया गया।
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जेल जाने से बचने की आखिरी कोशिश भी नाकाम
गुरुवार को राजपाल यादव की ओर से जेल जाने से बचने का अंतिम प्रयास भी अदालत में असफल रहा। वरिष्ठ वकील ने अदालत को बताया कि अभिनेता तुरंत 25 लाख रुपये जमा करने को तैयार हैं और बाकी रकम के लिए दोनों पक्षों के बीच एक अस्थायी भुगतान योजना पर सहमति बन गई है। इसके बावजूद हाईकोर्ट ने किसी भी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया।
अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक अभिनेता जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं करते, तब तक उनकी कोई भी याचिका नहीं सुनी जाएगी।
‘बार-बार वादों का उल्लंघन’ बना सख्त रुख की वजह
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में इस बात पर विशेष जोर दिया कि राजपाल यादव की ओर से बार-बार अदालत में दिए गए वचनों (Undertakings) का उल्लंघन किया गया। अदालत ने कहा कि पहले जो नरमी दिखाई गई थी, वह केवल समझौते को पूरा कराने के उद्देश्य से थी।
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गौरतलब है कि जून 2024 में ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सजा को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था ताकि दोनों पक्ष आपसी समझौते के तहत भुगतान पूरा कर सकें। लेकिन अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, कई मौके और स्पष्ट समयसीमाएं देने के बावजूद अभिनेता भुगतान की शर्तों का पालन नहीं कर पाए। यहां तक कि डिमांड ड्राफ्ट और किस्तों के जरिए किए जाने वाले आंशिक भुगतान भी तय समय पर जमा नहीं हुए।
तकनीकी या टाइपोग्राफिकल त्रुटियों का हवाला भी अदालत को संतोषजनक नहीं लगा, क्योंकि भुगतान में चूक का यह सिलसिला लगातार जारी रहा।
शिकायतकर्ता कंपनी को जारी होगी जमा राशि
न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा ने यह भी कहा कि खुले न्यायालय में वरिष्ठ वकील के माध्यम से दिए गए आश्वासन, स्वयं अभिनेता के निर्देश पर थे। इसके बावजूद कोई प्रभावी अनुपालन नहीं हुआ। इस स्थिति को देखते हुए अदालत ने रजिस्ट्रार जनरल के पास पहले से जमा रकम को शिकायतकर्ता कंपनी के पक्ष में जारी करने का निर्देश दिया।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
अदालत ने यह स्पष्ट किया है कि जेल में सरेंडर करने के बाद राजपाल यादव कानून के अनुसार उपयुक्त आवेदन दायर कर सकते हैं। फिलहाल, अभिनेता को तिहाड़ जेल प्रशासन की प्रक्रिया का सामना करना होगा।
